मेरी बातें……..
Sunday, 23 November 2014
ज़िन्दगी है, सफर है, तन्हाई है,
मंज़िल है भी या सिर्फ रूश्वाई है।
पलके है,कुछ ख्वाब है, आंशु है
दर्द ने भी बड़ी लम्बी ऊम्र पायी है।
@ अवनीश.
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