Monday, 19 March 2012


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प्यार फरेब है धोखा है ..
प्यार संगदिल हवा का झोंखा है ..
प्यार में कौन यहाँ सच्चा है ?
प्यार में किसका यहाँ भरोसा है..?
प्यार में वादे सब झूठे होते है ..
प्यार करके उम्र भर रोते है..
प्यार में सब ख्वाब टूट जाते है..
जो भी पलकों पे हम संजोते है ..

प्यार में बस तन्हाइयाँ ही मिलती..
ज़माने की रुश्वाइयाँ भी मिलती है ..
प्यार में बस गम ही सहते है..
प्यार में अस्क ही अस्क बहते है..
इसलिए हम आपसे कहते है ..
प्यार न राधा है न श्याम है..
प्यार बस बदनाम है ... बदनाम है...
.................. बदनाम है...
♥•♥´¨`♥•.¸Avnish Gautam¸.•♥´¨`♥•♥

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