कोई तो आए, आकर कुछ
तन्हाई तो बांटे
के हम किस खंज़र किस तलवार से,
इस रात को काटे
Friday, 7 December 2012
Wednesday, 15 August 2012
देश क्यूँ आज़ाद हुआ..?
गाँधी जी ने देश को क्यूँ आज़ाद कराया ..
क्या सिर्फ इस लिए की नया नोट चलाएँगे
और उसपे अपनी फोटो लगाएँगे..
-
देश क्यूँ आज़ाद हुआ..?
क्या नेताओं ने मिलके देश को इसलिए आज़ाद कराया..
के अपनी सरकार चलाएँगे..!!
और सारा पैसा स्वीस बैंक में जमा कराएँगे ..!!
आश्वासनों से गरीबों की पेट भरेंगे..!!
और वोट बैंक की राजनीति कर ,, हम मौज करेंगे..!!
-
कही आतंकवाद ,, कहीं माओवाद
अब किस से करे यहाँ फरियाद
क्यूँ सहमे डरे से लोग यहाँ
और जीने की लाचारी
भूख - गरीबी और बेरोजगारी
उसपे ये भ्रस्टाचारी
छोड़ो...हमलोगों को क्या लेना..
हम क्यूँ इस सवालों में उलझे ..!!
अपने पास और भी काम हैं ..
चलो झंडा फहराते हैं
और राष्ट्रगान गाते हैं ..
..:-)
....................अवनीश गौतम
Friday, 10 August 2012
...... बचपन ......
----------------------सोंचता हूँ जब भी,
गुजरे वक्त को
दिल में एक टीस से उठती हैं
और छलक परता हैं,
आँखों से वही नमकीन सा पानी
जो सूखता है तो
गालो पे दाग सा रह जाता है,
लकीर बन के....
सोंचता हूँ जब भी,
गुजरे वक्त को....
लबों पे एक आह से उठती है..
वो वक्त कितना सुहाना था...
वेफिक्र से हम जिन्हें
जी गए.......
चोट लगने पर
खुल के रो लिया तो करते थे..
बहते आंसुओं को, माँ की आँचल से
पोंछ लिया करते थे..
किसे परवाह थी,
खोने की, पाने की
जो मिल गया उसी में खुश हो जाते
और जो न मिला
उस का गम भी न था....
सोंचता हूँ जब भी,
गुजरे वक्त को..
वेफिक्र से जिन्हें जी गए..
क्यू जी भर के जिया नही........??
.........by avnish gautam
Tuesday, 24 July 2012
.......♥•♥´¨`♥•.¸¸.•♥´¨`♥•♥........
ज़िन्दगी यूँ न बस साँसों की रवानी होती
तू होती तो एक अच्छी सी कहानी होती
ख्वाब होते , ख्वाहिशे होती ,
............................यादों की निशानी होती
तू होती तो एक अच्छी सी कहानी होती
छेड़ कर किस्सा , फिर अपनी यादों का ,
बातें कुछ नई , तो कुछ पुरानी होती
शाम-ऐ -तन्हाई में संग,
......................... कुछ वक्त बितानी होती ,
कुछ तुमको कहनी होती, कुछ हमको सुनानी होती
होता अपना भी ख्वाबो का आशियाना कहीं ,
प्यार के वादों से अपनी दुनियां सजानी होती
तू होती तो एक अच्छी सी कहानी होती
.......♥•♥´¨`♥•.¸¸.•♥´¨`♥•♥........
♥╬ Avnish ╬♥
ज़िन्दगी यूँ न बस साँसों की रवानी होती
तू होती तो एक अच्छी सी कहानी होती
ख्वाब होते , ख्वाहिशे होती ,
............................यादों की निशानी होती
तू होती तो एक अच्छी सी कहानी होती
छेड़ कर किस्सा , फिर अपनी यादों का ,
बातें कुछ नई , तो कुछ पुरानी होती
शाम-ऐ -तन्हाई में संग,
......................... कुछ वक्त बितानी होती ,
कुछ तुमको कहनी होती, कुछ हमको सुनानी होती
होता अपना भी ख्वाबो का आशियाना कहीं ,
प्यार के वादों से अपनी दुनियां सजानी होती
तू होती तो एक अच्छी सी कहानी होती
.......♥•♥´¨`♥•.¸¸.•♥´¨`♥•♥........
♥╬ Avnish ╬♥
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