Thursday, 11 December 2014

तुझसे बिछर के खुद को
          खोया नही मैंने
कौन कहता है की तन्हाई में
           रोया नहीं मैंने
वो हर लफ्ज़ जो ख़त पे
        तूने लिखें थे कभी
उन लफ्जों को अश्कों से
         भिगोया नही मैंने
कौन कहता है की तन्हायी में
           रोया नही मैंने

............ अवनीश 

Saturday, 6 December 2014


बहुत कोशिस की तुम्हे भुलाने की ,
तुम्हारे यादों से दूर जाने की ,
तेरे बिना अपनी दुनियां बसाने की |
पर ऐसा न हो पाया ,
ना मुस्करा पाया ना रो पाया ...
हथेलिओं में मेरे शायद,
तेरी लकीर नहीं थी
तुझको पाने की शायद ,
मेरी तकदीर नहीं थी |
बहुत कोशिस की हाथो में वो लकीर बनाने की,
अपने तकदीर से तेरी तकदीर को मिलाने की |
पर ऐसा ना हो पाया ,
ना मुस्करा पाया ना रो पाया ....
वो वक़्त कितने प्यारे थे ,
जो संग तुम्हारे गुजारे थे ,
वही तो जीने के सहारे थे |
बहुत कोशिस की तेरा हर ख़त जलाने की ,
तेरी हर निशानियाँ दिल से मिटाने की |
पर ऐसा कहाँ हो पाया ,
ना मुस्कुरा पाया ना रो पाया ....
"@avii "

Sunday, 23 November 2014

ज़िन्दगी है, सफर है, तन्हाई है,
मंज़िल है भी या सिर्फ रूश्वाई है।
पलके है,कुछ ख्वाब है, आंशु है
दर्द ने भी बड़ी लम्बी ऊम्र पायी है।
@ अवनीश.

Monday, 23 September 2013

मेरी आँखों को या तो समंदर कर दे..
या मेरा दिल..... ए ख़ुदा तू पत्थर कर दे.।
मुझको मेरी शर्तों पे अब तो जीने दे.…
या मेरी मौत की तारीख ही मुक़र्रर कर दे।
न खिलें फूल गुंचा-ए- गुल वीरान रहे ….
मेरी हसरतों को पनप ने दे या बंज़र कर दे।


के हर बरस क्यूँ करें कुछ मौषमों का इंतेज़ार ….
इन ख्वाहिशों को फिज़ा या पतझर कर दे।
मेरी आँखों को या तो समंदर कर दे..
या मेरा दिल..... ए ख़ुदा तू पत्थर कर दे.।

@ ... अवनीश 

Monday, 11 February 2013

♥•♥´¨`♥•.¸¸.•♥´¨`♥•♥´♥•♥ 
Happy Valentine Day

इन आँखों से तुम्ही कहो
अश्क क्यूँ न बहे.......
हिज़्र के इन लम्हों को
तुम्ही कहो कैसे सहे.....!

इतनी नासमझ भी तो
नहीं हो मेरी जान तुम..!!
फिर कहें भी तुम्हे तो
आखिर क्या कहें....
के तुम्हारी मोहब्बत से,
रौशन है ज़िन्दगी मेरी..
फिर तुम्हारे बगैर
तुम्ही बताओ हम कैसे रहे..
ये  दूरीयां अब  इतनी
अच्छी नही
हो जाओ आज करीब,
बहुत करीब इस दिल के ..
आजाओ आज तो कम से कम
मेरी बाँहों में....
कहना है आज दिल से तुम्हे,
Happy Valentine Day

ये हवाँ सुने, ये फ़ज़ा सुने..
सुने ये चाँद तारे .........
कहना है आज दिल से तुम्हे,
Happy Valentine Day
♥•♥´¨`♥•.¸¸.•♥´¨`♥•♥´♥•♥ 




Wednesday, 2 January 2013


जब मैं उस से मिला तो मुझे नही पता था ,
के वो हमारी.....
आखिरी मुलाकात थी |
उस आखिरी मुलाकात में ,,
जाते हुए आखिरी बार ,
..उसने यही कहा ,,
उसने कहा की.............,

मुझे भुला देना ,
शाख पे खिले सब
... फूल गिरा देना |
जो ख़त लिखे हैं ,
कभी प्यार में तुमको...
जाकर सब अपने हाथों से ,
.......जला देना ||

मैं किसी और की ,
अब होने चलीं ..
तुम भी दिल से अब ,
...मेरी यादों को मिटा देना |
मुझसे मिलने की अब ,
न कोई कोसीस करना...
हो सके तो तुम भी ,
अपनी दुनियां बसा लेना ||

हमने कहा की  ....
हमने तो तेरी यादों से ही ,
अपनी दुनिया बसा लीं हैं....
हर मुस्कराहट में अपने ,
हज़ारों गम छुपा लीं है |
बहुत कोसीस की पर ,
मर भी तो नही पाया...
ना जाने कितनो से आखिर ,
मैंने जीने की दुआं लीं है ||
पर गैरों के साथ तुमकों,,
तुम्हारी ज़िन्दगी मुबारक..
हमने तो अपने मौत की ,,
..........बरसीं भी मना लीं है

________@ अवनीश गौतम "





Friday, 7 December 2012

कोई तो आए, आकर कुछ
                    तन्हाई तो बांटे
के हम किस खंज़र किस तलवार से,
                   इस रात को काटे